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AIIMS में मेडिकल छात्रों से मिले LG संधू, ट्रेनिंग और महिला डॉक्टरों की सुरक्षा पर हुई चर्चा

SHIDDHANT
3 Oct 2026 8:13 PM IST
AIIMS में मेडिकल छात्रों से मिले LG संधू, ट्रेनिंग और महिला डॉक्टरों की सुरक्षा पर हुई चर्चा
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Delhi दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने AIIMS नई दिल्ली में मेडिकल छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों से मुलाकात कर चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। इस दौरान छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए मेडिकल ट्रेनिंग के दौरान आने वाली चुनौतियों के साथ अस्पताल परिसर और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपनी चिंताएं रखीं। संधू मार्च 2026 से दिल्ली के उपराज्यपाल हैं। AIIMS के एक कैफे में कॉफी पर हुई अनौपचारिक बातचीत के दौरान उपराज्यपाल ने छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों से मेडिकल एजुकेशन से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं के बारे में जानकारी ली। बातचीत में भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और डॉक्टरों के प्रशिक्षण से जुड़े विषय भी सामने आए।
छात्रों ने स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर अपनी उम्मीदों और सुझावों को साझा किया। इसके साथ ही सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। विशेष रूप से महिला मेडिकल छात्रों और महिला डॉक्टरों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा हुई। छात्रों ने अस्पताल परिसर और आसपास ऐसा वातावरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई, जिसमें वे सुरक्षित तरीके से पढ़ाई और ड्यूटी कर सकें। उपराज्यपाल संधू ने छात्रों की बातों और सुझावों को महत्वपूर्ण बताते हुए उनकी चिंताओं के समाधान में सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने सुरक्षित वातावरण को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा दिल्ली प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल हैं। उपराज्यपाल की आधिकारिक प्रोफाइल में सार्वजनिक स्वास्थ्य और शिक्षा को उनके प्रमुख फोकस क्षेत्रों में बताया गया है। हाल में उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अन्य कार्यक्रमों में भी चिकित्सा संस्थानों की भूमिका, प्रशिक्षण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर दिया है। सितंबर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि दिल्ली के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों की जिम्मेदारी इलाज के साथ शोध, नवाचार, प्रशिक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य नेतृत्व में भी योगदान देने की है। AIIMS के छात्रों से बातचीत के दौरान संधू ने भविष्य के डॉक्टरों से अपने ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल समाज की सेवा में करने का आह्वान किया। उन्होंने संवेदनशीलता के साथ नेतृत्व करने और स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान देने की बात कही। मेडिकल छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ हुई इस बातचीत में सामने आए प्रशिक्षण और सुरक्षा के मुद्दे महत्वपूर्ण रहे। खासकर महिला डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर उठाई गई चिंताओं के बाद अब इस दिशा में संबंधित स्तर पर उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।
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